Saraswati Maa Aarti-सरस्वती मां की आरती

Saraswati Maa Aarti-सरस्वती मां की आरती

Saraswati Maa Aarti-सरस्वती मां की आरती Saraswati Maa Aarti-सरस्वती मां की आरती

विद्या की देवी, माता सरस्वती का आवाहन, हर विद्यार्थीकरता है, यहां तक की स्कूलों में भी पढाई शुरूकरने के पहले माता सरस्वतीके भक्ति गीत का आवाहन होता है और उसके  बाद ही पढ़ाई शुरू होती है, माता सरस्वती ज्ञान की देवी हैं और विद्यार्थियों के लिए माता सरस्वती का महत्व अत्यंत ज्यादा है, हर कोई मां का आवाहन करके उनके गीतों को गाकर मन में भक्ति लेकर पढता है और अपने आने वालेदिनों के लिए अच्छे से अच्छे परिणाम लाने की कोशिश करता है, नीचे माता सरस्वतीकी आरती दी गयी है, हमे आशा है कि हरेक विद्यार्थियों इस भक्ति-गीत को गाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा और अपने भविष्य को उज्जवल बनाएगा :

 जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सद्‍गुण वैभवशालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥ मैया जय सरस्वती॥

चंद्रवदन पद्मासिनी, द्युति मंगलकारी।
सोहे हंस-सवारी, अतुल तेजधारी ॥ मैया जय सरस्वती॥

बाएं कर में वीणा, दाएँ कर माला।
शीश मुकुट-मणि‍ सोहे, गल मोतियन माला ॥ मैया जय सरस्वती ॥

देव शरण जो आए, उनका उद्धार किया।
पैठि मंथरा दासी, असुर-संहार किया ॥ मैया जय सरस्वती ॥

Saraswati Maa Aarti-सरस्वती मां की आरती

विद्या -ज्ञान-प्रदायिनी, ज्ञान -प्रकाश करो।
मोह, अज्ञान और तिमिर का जग से नास करो॥ मैया जय सरस्वती ॥

धूप-दीप-फल-मेवा माँ स्वीकार करो।
ज्ञानचक्षु दे माता, जग

सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।
हितकारी, सुखकारी, ज्ञान-भक्त‍ि पावे ॥ जय. ॥

ॐ जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सद्‍गुण वैभवशालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥ जय. ॥

 

Saraswati Maa Aarti-सरस्वती मां की आरती

 

 

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