Full sundarkand

Full sundarkand-सम्पूर्ण सुंदरकांड

Full sundarkand-सम्पूर्ण सुंदरकांड – तुलसीदास जी ने रामचरितमानस की रचना, महर्षि बाल्मीकि जी की रामायण को आधार बनाकर की है, Full sundarkand-सम्पूर्ण सुंदरकांड – रामचरितमानस का ही पंचम सोपान है, इसमें हनुमान जी के यश और पराक्रम का उल्लेख है, जिसमें श्री राम जी और सीता माता का वर्णन है और साथ ही हनुमान जी के कौशलता का भी बखान है
जो उन्होंने श्री रामचंद्र जी के साथ रह करके किया था, सुंदरकांड सबसे पुरानी रचना है ऐसा प्रचलित है कि Full sundarkand-सम्पूर्ण सुंदरकांड – का पाठ करने से जातक को अपनी हर समस्या का समाधान मिलता है और साथ ही उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती हैऔर सारे कष्ट का निवारण होता है, हनुमान जी को खुश करने का इससे अच्छा और कोई तरीका नहीं है: