Jagat ke Rang-prayer

जगत के रंग क्या देखूं – Jaya Kishori

जगत के रंग क्या देखूं
तेरा दीदार काफी है,
क्यों भटकूँ गैरों के दर पे,
तेरा दरबार काफी है |
नहीं चाहिए ये दुनियां के,
निराले रंग ढंग मुझको,