Om Jai Jagdish Hare

ॐ जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे,

भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे-ॐ जय जगदीश हरे ||

जो ध्यावे फल पावे दुःख विनशे मन का

सुख संपति घर आवे कष्ट मिटे तन का-ॐ जय जगदीश हरे ||

मात-पिता तुम मेरे शरण गहुँ मैं किसकी

आरति कीजै हनुमान

आरति कीजै हनुमान

आरति कीजै हनुमान लला की,
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की | 

जाके बल से गिरिवर कांपै,
रोग – दोष जाके निकट न झांपै।

अंजनीपुत्र महाबलदाई,
सन्तन के प्रेम सदासहाई।

सम्पूर्ण सुंदरकांड

सम्पूर्ण सुंदरकांड

सम्पूर्ण सुंदरकांड – तुलसीदास जी ने रामचरितमानस की रचना, महर्षि बाल्मीकि जी की रामायण को आधार बनाकर की है, सम्पूर्ण सुंदरकांड – रामचरितमानस का ही पंचम सोपान है, इसमें हनुमान

Enjoy the 5 benefits of Mahishasura Mardini Stotram

Mahishasura Mardini Stotram

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रं – मां दुर्गा हिंदुओं की प्रमुख देवी है| जिन्हें शक्ति की देवी कहा जाता है| इनकी तुलना परम ब्रह्म से की गई है| इन्हें जगदंबा भी कहते हैं| इन्हें गुणवती

आरती कुंजबिहारी की

आरती कुंजबिहारी की : श्रीमद्भागवत के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण का जन्म द्वापर युग में, भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष के रोहिणी नक्षत्र में हुआ था | उन्होंने भगवान श्री विष्णु के दसवें अवतार

ॐ जय शिव ओंकारा

ॐ जय शिव ओंकारा

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा, ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा, एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥-ॐ जय

5 पंचक में एक शुभ पंचक कौन सा है, जानें

पंचक इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

भारतीय ज्योतिष में पंचक इतना महत्वपूर्ण क्यों है : हमारे हिंदू संस्कृति में, हर एक कार्य करने के पहले मुहूर्त देखा जाता है और उसी अनुरूप कोई भी शुभ कार्य की प्रक्रिया आरंभ की जाती है | शुभ मुहूर्त में

एक आस तुम्हारी है

एक आस तुम्हारी है

एक आस तुम्हारी है (A hope is yours) – यह एक भक्ति भजन है जो की श्री संजय मित्तल ने बड़ी भक्ति के साथ गाया है | वैसे भी श्री संजय मित्तल को कौन नहीं जानता, वे जब गातें हैं तो आँखों

भद्रा-तिथी 2020

भद्रा कब है 2020

भद्रा कब है 2020 – भद्रा का दूसरा नाम विष्टि करण है। कृष्णपक्ष की तृतीया, दशमी और शुक्ल पक्ष की चर्तुथी, एकादशी के उत्तरार्ध में एवं कृष्णपक्ष की सप्तमी-चतुर्दशी, शुक्लपक्ष की अष्टमी-पूर्णमासी के पूर्वार्ध में भद्रा रहती है। तिथि के पूर्वार्ध की दिन की भद्रा