ॐ जय श्री श्याम हरे

ॐ जय श्री श्याम हरे- आरती

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खाटू नरेश की लोकप्रियता

ॐ जय श्री श्याम हरे- यह एक आरती है जो कि श्री लखबीर सिंह लाखा ने बड़ी भक्ति के साथ गाया है | वैसे भी श्री लखबीर सिंह लाखा को कौन नहीं जानता, उनके भजन और संगीत आजतक के सारे रिकॉर्ड तोड़ चूका है | इस आरती को उन्होंने बड़े भक्ति के साथ और बड़े ही निराले अंदाज़ में गाया है | इस आरती को सुनते वक़्त श्री खाटू श्याम नरेश का चेहरा सामने आ जाता है और मेरा मानना है कि इन्सान जितना भी दुखी क्यों न हो, उसका मन इस भजन को सुनकर श्रद्धा और भक्ति से भर जायेगा |

ॐ जय श्री श्याम हरे
Jai Shree Shyam Hare

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित, खाटू श्याम का यह मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है| लोग दूर-दूर से इस मंदिर की ओर खींचे चले आते हैं| लोगों की आस्था खाटू नरेश की और बढ़ता ही जा रहा है| इनके भक्तों का यह कहना हैं कि बाबा से जो मांगो वह मिलता है | बाबा किसी को निराश नहीं करते | यहां हर मन्नते पूरी होती है| इसी वजह से लोगों का विश्वास भी कम नहीं है | खाटू नरेश की मान्यता पिछले कई सालों में बेतहासा बढ़ी है और कोई भी उनके भजन-कीर्तन में सम्मिलित होता है तो वह बड़ा श्रद्धा और विश्वास के साथ उनकी भक्ति में अपना योगदान देता है |

श्रीमद्भागवत गीता के अनुसार, पृथ्वी पर जब भी धर्म की हानि और पाप की वृद्धि होती है, तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में अपने भक्तों की रक्षा हेतु इस धरती पर जन्म लेते है | उनके अवतार ग्रहण का न ही कोई निश्चित समय होता है और न ही कोई निश्चित रूप, धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि को देखते हुए, वह जब प्रगट होना आवश्यक समझते हैं, तभी प्रगट होते हैं |

कई बड़े-बड़े सिंगर इस खाटू जी के भजन में हिस्सा लेते हैं और उनकी लोकप्रियता की कोई सीमा नहीं है | वे बाबा के भजन गाकर बेहद ख़ुशी का अहसास करते हैं | असंख्य लोग बाबा के दर्शन करने के लिए हर साल इस मंदिर में पहुंचते हैं और सबसे बड़ी बात जो भी भक्त बाबा के दरबार में एक बार हाजिरा लगाता है, वह कभी बाबा से अलग नहीं हो सकता | आप सब खाटू नरेश का यह भजन सुने और आनंद ले| पूजा पाठ करते समय इस आरती के बिना तो पूजा संपूर्ण ही नहीं हो सकती|

Listen to.. जगत के रंग क्या देखूं  by Jaya Kishori

जय श्री श्याम हरे आरती

ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे,
खाटू-धाम विराजत, अनुपम रूप धरे,
ॐ जय श्री श्याम हरे…

रत्न जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे,
तन केसरिया बागो, कुंडल श्रवण पड़े,
ॐ जय श्री श्याम हरे…

गल पुष्पों की माला, सिर पर मुकुट धरे,
खेवत धूप अग्नि पर दीपक ज्योति जले,
ॐ जय श्री श्याम हरे…

मोदक खीर चूरमा, सुवरण थाल भरे,
सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे,
ॐ जय श्री श्याम हरे…

झांझ कटोरा और घडियावल, शंख मृदंग घुरे,
भक्त आरती गावे, जय-जयकार करे,
ॐ जय श्री श्याम हरे…

जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे,
सेवक जन निज मुख से, श्री श्याम-श्याम उचरे,
ॐ जय श्री श्याम हरे…

तन, मन, धन ये जीवन सब कुछ है तेरा,
तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा,
ॐ जय श्री श्याम हरे…

श्री श्याम बिहारी जी की आरती, जो कोई नर गावे,
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे,
ॐ जय श्री श्याम हरे…

जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे,
निज भक्तों के तुमने, पूरण काम करे,
ॐ जय श्री श्याम हरे…

ॐ जय श्री श्याम हरे- Lyrics

Jai Shree Shyam Hare

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