शिव तांडव स्तोत्रम- जानिये शिव तांडव स्तोत्रम का फल, एक बार सुनने से ही आप रोज़ सुनना चाहेंगे

शिव तांडव स्तोत्रम

शिव तांडव स्तोत्रम : पुराणों के अनुसार जब रावण ने समूचे कैलाश पर्वत को अपने हाथों में उठाकर पूरे पर्वत को ही लंका ले जाने लगा | उस समय, उसे अपनी शक्ति पर पूरा अहंकार आ गया उसका यह रूप भगवान शिव को पसंद नहीं आया और भगवान शिव ने अपने पैर के अंगूठे से कैलाश पर्वत को थोड़ा दबा दिया,