माँ शैलपुत्री

माँ शैलपुत्री पूजा 2021- Offer your 1st-day Puja

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माँ शैलपुत्री के बारे में जानें

नवरात्रि शक्ति उपासना का पर्व है और नवरात्र के प्रथम दिन की पूजा माँ शैलपुत्री को समर्पित है | नवरात्रि में इस उत्सव को मनाने की प्रमुख वजह यह है कि इस खास वक़्त ब्रह्मांड के सारे ग्रह एकत्रित होकर सक्रिय हो जाते हैं जिसकी वजह से प्राणियों पर इसका दुशप्रभाव नहीं पड़ता | माने नवरात्रि में जब उनकी पूजा आस्था व श्रद्धा से की जाती है तो उनकी 9 शक्तियां जागृत होकर नौ-ग्रहों को नियंत्रित कर लेती हैं| इस मौके पर माँ दुर्गा के नौ शक्तियों को जागृत करने के लिए नवार्ण मंत्र का जप किया जाता है|

Goddess Shailputri
माँ शैलपुत्री

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मां दुर्गा की नौ रूपों की पूजा होती है इन नौ रूपों को कष्टों का निवारण माना जाता है आदिशक्ति का पहला रूप है शैलपुत्री| जिनकी आराधना नवरात्रि के प्रथम दिन की जाती है| पर्वतराज हिमालय के यहां जन्म लेने से उन्हें शैलपुत्री कहा जाता है| नवरात्रि के प्रथम दिन माता शैलपुत्री की पूजा का विधान है| इनकी पूजन से भक्त सदैैव धन-धान्य से परिपूर्ण रहते हैं| मां दुर्गा का यह रूप भक्तों और साधकों को अनंत कोटि फल प्रदान करने वाला है| इस वर्ष 2021 में माँ शैलपुत्री की पूजा वृहस्पतिवार 7 अक्टूबर को पुरे विश्व में मनाया जायेगा |

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राजा दक्ष और भोले शंकर की कहानी पढ़े

Lord shiva carrying his dead wife Parvati who plunged into the Pyre
भोले शंकर

एक बार राजा दक्ष ने एक बहुत बड़े यज्ञ का आयोजन किया। इस यज्ञ में उन्होंने समस्त देवताओं को निमंत्रित किया, किन्तु महादेव भोले को इस यज्ञ में शामिल नहीं किया। सती ने जब सुना कि उनके पिता एक विशाल यज्ञ का आयोजन किया हैं, और महादेव को निमंत्रित नहीं किया| तो उनका मन विचलित हो उठा| उन्होंने महादेव को सारी बातें बताई| उन्होंने कहा- हे भोले, शायद हमारे पिताजी, हमसे नाराज़ होकर ऐसा किया है जो कि अनुचित है इसलिए आप ऐसी स्थिति में वहां न जाएं|

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परन्तु सती ने एक बार भी वहां न जाने के लिए सोचा तक नहीं और चली गयी| परंतु महादेव जी ने पार्वती जी के बहनों और परिवार से मिलने का मन देखा तो उन्होंने मना नहीं किया| यज्ञ के अनुष्ठान में मौजूद रहने के लिए सती, जब अपने पिता के घर पहुंची तो उन्होंने वहां देखा कि कोई भी व्यक्ति उनसे तरीके से बात नहीं कर रहा और यहाँ तक की बहनों की बातों में भी व्यंग्य और उपहास के भाव भरे हुए थे।

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राजा दक्ष ने स्वयं भी भोलेनाथ के लिए बहुत आपत्तिजनक शब्द यूज किए| सती ने स्वयं देखा कि उनके मन में भगवान शंकरजी के प्रति तिरस्कार का भाव भरा हुआ है। उन्होंने महसूस किया कि भगवान शंकर की बात न मान, यहाँ आकर उन्होंने बड़ी गलती की है। जिसकी वजह से सती अत्यंत क्रोधित हो गयी| वह अपने पिता दक्ष पर इतनी क्रोधिित हुई कि वह उसी प्रज्जवलित चिता की अग्नि में कूद पड़ी और जल गयी|

वज्रपात के समान, इस कष्टदायक और दुःखद घटना को देखकर, भगवान शिव क्रुद्ध होकर, अपने गणों को भेजकर, दक्ष के उस यज्ञ का पूर्णतः विध्वंस करा दिया। उसके पश्चात वे सती का अधजला शरीर अपने कंधे पर उठाए, पागलों की भांति नाचने और रोने लगे| समस्त देवता इस भयंकर विपद को देख बड़े चिंतित हुए| जब भगवान विष्णु ने देखा तो उन्होंने अपने सुदर्शन चक्र को छोड़ दिया और सती के सारे अंग को सुदर्शन चक्र ने काट डाला और सती के सारे अंग धरती पर आ गिरे जो की सिद्धि पीठ के रूप में उल्लेखित है|

माँ शैलपुत्री की उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की भावना जागृत होती है और भक्तों को सभी पापों से मुक्ति मिलती है| मां शैलपुत्री की आराधना से अच्छी सेहत और हर प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है और मनुष्य जीत हासिल करता है| स्वर में दिव्य, अलौकिक माधुर्य का समावेश होता है और आकर्षण बढ़ता है| मां शैलपुत्री के चरणों में गाय का घी अर्पित करने से भक्तों को सदेव आरोग्य का फल मिलता है| माँ शैलपुत्री के मंत्रो का जप करने से माँ की पूजा का फल प्राप्त होता है:

माँ शैलपुत्री का मंत्र

वन्दे वांछितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशंस्विनिम।।

अतः माँ शैलपुत्री की पूजा में इन मंत्रो का जप करे और माता के लिए व्रत अवश्य रक्खे| माँ की विशेष आराधना के लिए महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रं का पाठ सुने और महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रं पाठ के लाभ के बारे में जाने| जय अम्बे गौरी आरती से माता की आरती करें और नवरात्रि के दौरान देवी ब्रह्मचारिणी जी की आरती का भी पाठ माँ दुर्गा की भक्ति के लिए अवश्य करें और उपरोक्त सभी आरती में नीचे दिए गए YouTube Link पर सारे दिन माँ दुर्गा की भक्ति का आनंद लें| हम हर वक़्त आपके लिए भक्ति से जुड़ी हर कंटेंट को आप तक पहुचाने के लिए दृढ संकल्प है|

दुसरे दिन की पूजा देवी ब्रह्मचारिणी माँ को समर्पित है| उनकी पूजा विधि जाने ताकि आप कुछ भूल न जांए, इस लिंक पर क्लिक करे|

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