ज्योतिष

होड़ा और गुणबोधक चक्र- discover best matching

होड़ा और गुणबोधक चक्र

होड़ा-चक्र आपको भारतीय ज्योतिष में राशी, वरन, वासना, योनी, राशी स्वामी, गण और नाड़ी को जानने में मदद करता है, हालांकि, कम्प्यूटरीकरण के बाद यह गणना काफी आसान और

अंगों पर छिपकली गिरना- May hear something Great

छिपकली गिरना

आम तौर पर छिपकली गिरने से लोग डर जाते हैं और किसी अपशकुन की आशा में, खुद को और भयभीत महसूस करते हैं, परंतु मानव जीवन पर छिपकली गिरने का परिणाम, कहीं शुभ और

चौघड़िया मुहूर्त – See the best timings as per table

चौघड़िया मुहूर्त

शीघ्रता में कोई भी यात्रा-मुहूर्त ना बनता हो या एकाएक यात्रा करने का मौका आ पड़े तो उस अवसर के लिए विशेष रूप से चौघड़िया मुहूर्त का उपयोग है | दिन और रात के

ग्रहों के अनुकूल नवरत्न- Best Genuine Gems

नवरत्न

नवरत्न (Gems) खरीदने की प्रक्रिया बेहद जटिल और मुश्किल है | जब हमें नवरत्न खरीदने के लिए बाजार जाना पड़ता है तो उन नवरत्नों मे हमारे लिए यह पहचानना काफी मुश्किल

यात्रा से पहले दिशाशूल को पहचाने

दिशाशूल

शनिवार को पूर्व, शुक्रवार को अग्नि कोण, गुरुवार को दक्षिण, बुधवार को नैॠत्य, मंगल को पश्चिम, सोमवार को वायव्य, रविवार को उत्तर दिशा में काल-राहु का वास रहता है

चतुर्युग व्यवस्था- Know your Universe

चतुर्युग व्यवस्था

चतुर्युग व्यवस्था-श्रीमद्भागवत पुराण में पुरुषोत्तम भगवान विष्णु से उत्पन्न ब्रह्मा की आयु 100 वर्ष मानी गई है | पितामह ब्रह्मा की आयु का आधा 50 वर्ष पूर्वपरार्ध (प्रथम)

संवत्सर परिचय

संवत्सर परिचय

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नव संवत्सर का प्रवेश आरंभ होता है | मंगलवार 13 अप्रैल, 2021 से विक्रम संवत 2078 आरंभ हो रहा है | इस विक्रमीय संवत्सर का नाम “प्रमादी” है

संकष्टी चतुर्थी 2021

संकष्टी चतुर्थी

वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को विकट संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। अतः आगे हम

Annual horoscope 2021

Annual horoscope

Annual horoscope- छात्रों को परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी इसलिए छात्र मन लगाकर पढ़ो | जातकों को मानसिक परेशानी तथा वाद-विवाद की वृद्धि होगी | नौकरी

Eclipse 2021- know timings and details here

eclipse

यह खग्रास चन्द्रग्रहण भारत में केवल पूर्वी भाग के कुछ क्षेत्रों में ग्रस्तोदित खण्ड-चन्द्रग्रहण के रूप में चन्द्रोदय के दौरान दिखाई देगा। भारत के अलावा यह ग्रहण