ज्योतिष

स्वप्न के फल- know 42 shocking Facts of your dream

स्वप्न-के-फल

स्वप्न के फल- आप निम्नलिखित ब्यौरो से अपने सपने की हकीकत जान सकते हैं और सपने देखकर कभी घबराए ना और उत्सुकता हो तो आप जरूर यहां आकर अपने सपने के शुभ और अशुभ फल जरूर जान ले

शनि की साढ़ेसाती- Act wisely

शनि की साढ़ेसाती

लोग अपने राशियों पर आए शनि की साढ़ेसाती से भयभीत हो जाते हैं, घबड़ा जाते हैं| साढ़ेसाती 2700 दिनों तक रहती है| शनि-ग्रह बहुत धीमी गति से चलने वाला ग्रह है | शनि एक

शनिदेव – Learn how to protect yourself in 3 ways

शनिदेव

शनि की उल्टी चाल का मतलब हैं कि शनिदेव शुभ फल प्रदान नहीं करते हैं| शनि की दृष्टि और शनि की चाल के अनुसार फरवरी का महीना महत्वपूर्ण है. शनि 7 जनवरी 2021 को अस्त

गृह-प्रवेश मुहूर्त 2021- Know complete Guidance

गृह-प्रवेश मुहूर्त

नए घर में प्रवेश करना किसी भी व्यक्ति के लिए बड़े सौभाग्य और गौरव की बात है| अतः हर कोई व्यक्ति नए घर में प्रवेश करने के पहले ज्योतिष से शुभ मुहूर्त

राहुकाल 2021-best to avoid these timings

राहुकाल

राहुकाल-किसी भी तरह का शुभ कार्य गृह प्रवेश, विवाह मुहूर्त या किसी भी तरह का पर्व और त्यौहार के अंतर्गत राहु का समावेश होने से, उन किए हुए कार्यों में सफलता के अनुरूप

नवग्रह पीड़ाहर स्तोत्र- Avail complete benefit

नवग्रह पीड़ाहर स्तोत्र

नवग्रह पीड़ाहर स्तोत्रम का पाठ अति फलदायक है| इस स्तोत्र का पाठ करने से जो व्यक्ति ग्रहों के परेशानी और विपद का शिकार है, वह हर विपद से मुक्ति पाएगा| इस स्तोत्रम

शुभ विवाह मुहूर्त 2021- Avail best dates

शुभ विवाह मुहूर्त

शुभ विवाह मुहूर्त- 2021 में करीब 52 शुभ विवाह के मुहूर्त हैं हालांकि कुछ दिन के समय पड़ रहे हैं जो कि हिंदुओं के हिसाब से प्रचलित नहीं है हालांकि इसके बावजूद भी कोई दिन की लगन

कुंडली मिलान तालिका- helps predict your future

कुंडली मिलान

कुंडली मिलान: हिंदू परंपरा में, कुंडली का मिलान, वर-वधु की वैवाहिक सफलता हेतु देखा जाता है | यह वर-वधु की जन्मकुंडली के मिलान की प्रक्रिया है | यह प्रक्रिया निर्धारित करती है कि उनके ग्रह

पंचक तिथी 2021- The detailed preview

पंचक

हमारे हिंदू-संस्कृति में, हर एक कार्य करने के पहले मुहूर्त देखा जाता है और उसी अनुरूप कोई भी शुभ कार्य की प्रक्रिया आरंभ की जाती है | शुभ मुहूर्त में किए

भद्रा तिथी 2021- A necessity to avoid these timings

भद्रा

भद्रा का दूसरा नाम विष्टिकरण है। कृष्णपक्ष की तृतीया, दशमी और शुक्ल पक्ष की चर्तुथी, एकादशी के उत्तरार्ध में एवं कृष्णपक्ष की सप्तमी-चतुर्दशी, शुक्लपक्ष की अष्टमी