Jagat ke Rang

जगत के रंग क्या देखूं – best devotional song by Jaya Kishori

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जगत के रंग क्या देखूं 

जगत के रंग क्या देखूं – यह एक भक्ति भजन है जो की जया किशोरी जी ने बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ गाया है | बेहद ही निराले अंदाज़ में गाया यह भक्ति-गीत दिल को छु लेता है और हमारा मन खाटू नरेश की ओर खीचा चला जाता है और मेरा मानना है कि इन्सान जितना भी दुखी क्यों न हो, वह इस गाने को सुनकर जोश से भर जायेगा | वैसे भी जया किशोरी जी को कौन नहीं जानता, उनका गाना आज के सभी रिकॉर्ड तोड़ चूका है

वह दिल से गाती है और श्रद्धा और भक्ति के साथ गाती है | यही वजह है कि लोगो का जूनून, उनके भजनों को सुनने के लिए बेक़रार हो जाता है | उनके गाये हर भजन में भक्ति के साथ आनंद की भी प्राप्ति होती है कि भक्तों के लिए इसका जिक्र करना मुश्किल है |

खाटू श्याम का परिचय:

श्रीमद्भागवत गीता के अनुसार पृथ्वी पर जब भी धर्म की हानि और पाप की वृद्धि होती है, तब-तब भगवान् किसी न किसी रूप धारण कर अपने भक्तजनों की रक्षा करने हेतु इस धरती पर जन्म लेते है | उनके अवतार ग्रहण का न ही कोई निश्चित समय होता है और न ही कोई निश्चित रूप, धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि को देखकर वे जब प्रगट होना आवश्यक समझते है, तभी प्रगट हो जाते है |

राजस्थान के सीकर जिला में स्थित, यह मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है, लोग दूर-दूर से इस मंदिर की ओर खींचे चले आ रहे हैं, लोगों की आस्था खाटू नरेश की ओर बढ़ता ही जा रहा है| इनके भक्तों का यह कहना हैं कि बाबा से जो मांगो वह मिलता है | बाबा किसी को निराश नहीं करते | यहां हर मन्नते पूरी होती है, इसी वजह से यहां लोगों का हुजूम भी बढ़ता ही जा रहा है | कई-कई लोग तो हर साल बाबा के दर्शन करने के लिए बाबा के इस मंदिर में पहुंचते हैं |

खाटू नरेश की मान्यता पिछले 10 सालों में कई गुना बढ़ी है और कोई भी उनके भजन कीर्तन में सम्मिलित होता है तो वह बड़ा श्रद्धा और विश्वास के साथ उनके भजन में अपना योगदान देता है | बड़े-बड़े सिंगर भी खाटू नरेश जी के भजन में हिस्सा लेने लगे हैं और उनकी लोकप्रियता की भी कोई सीमा नहीं है | वे बाबा के भजन गाकर बेहत ख़ुशी महसूस करते हैं |

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बकायदा निशान उठाते हैं और मंदिर तक पैदल चलते हुए जाते हैं | उनका भरोसा बाबा कभी नहीं तोड़ते इसलिए वे सब आज काफी लोकप्रिय है, और सबसे बड़ी बात जो भी नया भक्त बाबा के दरबार में एक बार हाजिरा लगता है, वह कभी बाबा से अलग नहीं हो सकता | आप सब खाटू नरेश का यह भजन सुने और आनंद ले, पूजा पाठ करते समय या कीर्तन में इस भजन को भी सम्मलित करें:

खाटू नरेश

जगत के रंग क्या देखूं
जगत के रंग क्या

जगत के रंग क्या देखूं , तेरा दीदार काफी है,
क्यों भटकूँ गैरों के दर पे, तेरा दरबार काफी है…

नहीं चाहिए ये दुनियां के, निराले रंग ढंग मुझको,
निराले रंग ढंग मुझको, चली जाऊँ मैं खाटू जी,

तेरा श्रृंगार काफी है, जगत के रंग क्या देखूं…
जगत के साज बाजों से, हुए हैं कान अब बहरे,

हुए हैं कान अब बहरे, कहाँ जाके सुनूँ बंशी-2
मधुर वो तान काफी है, जगत के रंग क्या देखूं….

जगत के रिश्तेदारों ने, बिछाया जाल माया का,
बिछाया जाल माया का, तेरे भक्तों से हो प्रीति,
श्याम परिवार काफी है, जगत के रंग क्या देखूं…

जगत की झूटी रौनक से, हैं आँखें भर गयी मेरी,
हैं आँखें भर गयी मेरी, चले आओ मेरे मोहन-2
दरश की प्यास काफी है,जगत के रंग क्या देखूं…

जगत के रंग क्या देखूं, तेरा दीदार काफी है,
क्यों भटकूँ गैरों के दर पे, तेरा दरबार काफी है ॥

जगत के रंग क्या देखूं – Lyrics

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