कुंडली मिलान तालिका- an important way to ascertain the future

Please Subscribe us
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Choose your preferred Language at the Top Right Bar

कुंडली मिलान की पद्धति क्या है ?

यह वर-वधु की कुंडली से मिलान करने के लिए नीचे दी गई जानकारीपूर्ण तालिका है | यह तालिका कुंडली मिलान की प्राचीन विधि है ताकि कोई भी उनकी शादी के बाद, उनके भविष्य के बारे में जान सके | हिंदू परंपरा में, कुंडली का मिलान, वर-वधु की वैवाहिक सफलता हेतु देखा जाता है | यह वर-वधु की जन्मकुंडली के मिलान की प्रक्रिया है | यह प्रक्रिया निर्धारित करती है कि उनके ग्रह एक सफल और सुखी विवाह के लिए अनुकूल हैं या नहीं।

2021 के हर व्रत और त्योहारों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करें

हिन्दू वैवाहिक परम्परा के अनुरूप, उनकी जन्म कुंडली से उनके गुण का मिलान, मैत्री, ग्रह-दोष, मंगल दोष, वर्ण, वश्य, तारा, योनि-कूट इत्यादि कई तथ्यों का निर्धारण करती है | नाड़ी दोष कुंडली मिलान के अंतर्गत एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है | नाड़ी दोष की उपस्थिति वर-वधु के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है | निःसंतानता और दुखी विवाह का कारण भी बन सकती है। हालांकि, नाड़ी दोष निवारण की पूजा भी, इसका एक उपाय है | परन्तु पूजा से इस दोष से मुक्ति पाया जाए, यह कोई जरुरी नहीं है |

Kundali Matching

कुंडली मिलान
Kundali-Matching

कुंडली मिलान की तालिका

कुंडली मिलान
Kundali Matching Table

होड़ा और गुणबोधक चक्र के बारे में जाने

कुंडली मिलान
Kundali Matching Table

संवत्सर परिचय क्या है जाने

धार्मिक मान्यता के हिसाब से कर्म प्रधान है और मनुष्य योनी को कर्म के अनुरूप श्रेष्ठता की संज्ञा दी जाती है | ज्योतिष के अनुसार, जिस नक्षत्र में हमारा जन्म होता है, उसी अनुरूप हमारे हाव-भाव और विचार होते हैं |

कुंडली मिलान

Click this link to know more about Kundali Milan