आरति कीजै हनुमान

आरति कीजै हनुमान-No.1

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Aarti Kijai Hanuman Lala Ki

आरति कीजै हनुमान
आरति कीजै हनुमान

आरति कीजै हनुमान

आरति कीजै हनुमान- हनुमान जी हम सबके प्रिय भगवान है| इस कलयुग में तो उन्ही का बोलबाला है| वह सबके दिलो में राज़ करते हैं और लोगो के सबसे प्रिय अतुलित बलधामा है| वह सबके करीब हैं और सबके चहिते भी | वह भगवान श्री राम चन्द्र जी के प्रिय सेवक रहे हैं| सीता मैया की जो सेवा उन्होंने की है, वह अतुलनीय है और उनकी क्षमता और पराक्रम से तो सभी वाकिब है| कहते हैं कि यदि हनुमान जी को खुश करना है तो शनिवार को श्री बजरंग बाण और हनुमान चालीसा का पाठ अतिसुख्दायी है और मंगलवार को सम्पूर्ण सुंदरकांड का जप करने से हनुमान जी की कृपा बरसती है|

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ज्योतिषियों के अनुसार, हनुमान जी का जन्म 58 हज़ार वर्ष पूर्व त्रेता युग के अंतिम चरण में चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र व मेष लग्न के योग में सुबह 6:03 पर भारत में झारखंड के गुमला जिले के आंजन नाम की एक पहाड़ी पर हुआ था उनका शरीर एक बज्र की तरह था और वह पवन-पुत्र के नाम से जाने जाते थे| वायु अथवा पवन ने हनुमान जी को पालने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, उन्हें मारुति नंदन भी कहा जाता है|

वे भगवान शिव के 11 वे रुद्रावतार तथा सबसे बलवान और बुद्धिमान माने जाते हैं| हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार हनुमान मारुती अर्थात मारुति नंदन, पवनपुत्र कहलाए जाते हैं| हनुमान परमेश्वर की भक्ति की सबसे लोकप्रिय अवधारणा और भारतीय महाकाव्य रामायण में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों में सर्वप्रधान हैं| इस धरा पर जिन 7 मनीषियों को अमरत्व प्राप्त है, उनमें हनुमान जी भी एक हैं| रामायण के अनुसार, वह जानकी के अत्यधिक प्रिय थे और हनुमान जी का अवतार श्री राम जी के लिए हुआ था| हनुमान जी के पराक्रम की असंख्य गाथाएं प्रचलित है, जो कि हम सभी जानते हैं|

तुलसीदास द्वारा रचित श्री बजरंग बाण आज का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला भजन है| कहते हैं कि हनुमान जी इस कलयुग में हमेशा विचरण करते हैं और दीन-दुखियों की मदद करते हैं| हनुमान जी की यह आरती, हर किसी शुभ कार्यों में भी की जाती है |

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आप सब भी श्री बजरंग बाण, हनुमान चालीसासम्पूर्ण सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें या YouTube के Video का आनंद लें| हमारे इस वेबसाइट पर हर लेख में आपको YouTube अथवा gaana.com के लिंक मिल जायेंगे| जो भी व्यक्ति, सुबह early morning अपने ऑफिस या दुकान जाने के लिए मजबूर है, वह व्यक्ति कम से कम YouTube अथवा gaana.com पर भगवन के भजनों को देख या सुन सकता है इससे आपकी ग्रह दशा कट जाएगी क्योंकि हनुमान जी से सभी ग्रह डरते हैं और खासकर शनि-ग्रह वालों को हनुमान जी का पाठ अवश्य करना चाहिए|

हनुमान जी की आरती

आरति कीजै हनुमान लला की,
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की | 

जाके बल से गिरिवर कांपै,
रोग – दोष जाके निकट न झांपै।

अंजनीपुत्र महाबलदाई,
सन्तन के प्रेम सदासहाई।

देवीरा रघुनाथ पठाये,
लंकाजारि सिया सुधि लाये।

लंका सो कोट समुद्र सीखाई,
जातपवनसुत बार न लाई।

लंक-जारि असुर-संहारे,
सियाराम जी के काज संवारे।

लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे,
आनि सजीवन प्राण उबारे।

पैठि पाताल तोरि जम-कारे,
अहिरावण की भुजा उखारे।

बायें भुजा असुर दल मारे,
दाहिने भुजा सन्त जन तारे।

सुरनर मुनि आरती उतारे,
जय जय जय हनुमान उचारे।

कंचन थाळ कपूर लौ छाई,
आरती करत अंजना माई।

जो हनुमान की आरती गावै,
बसि बैकुंठ परमपद पावै।

लंक विध्वंस किए रघुराई,
तुलसीदास स्वामी कीर्ति गाई।

आरति कीजै हनुमान लला की,
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।

आरति कीजै हनुमान
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